
साथी! मत हो तुम उदास
जब तक जान रहेगी मुझमें
रहूँगी तेरे साथ........
सुन बाती का संकल्प
तम मुस्कुराया
पलक झपकते उजियारे ने
अपना पर फैलाया,,,,,
दिवाली के दीये की भाँति आप भी हमेशा खुशियों
का उजाला फैलायें ताकि तम - रुपी दुःख-दर्द आप से दूर रहे। दीप -पर्व के इस अवसर पर आपको बहुत -बहुत शुभकामनाएँ।