Monday, 26 September 2011

अर्पण



दिल में चिर जुदाई की पीडा
दिमाग में यादों की बदली छाई है
आज सभी घनीभूत होकर
फिर से बरसने आई है।
नैनों के नीर
दिल के पीर
श्रद्धा औ स्नेह से बनाये गये खीर
बाबुल मैं अर्पण करती हूँ
अपने सारे मृदृल भावों का
इस पावन दिवस पर
तर्पण करती हूँ।
बडे ही सुखमय दिन थै वो
स्वर्ग था तेरी बाँहों में
दिल सुकून से भरा रहता था
तेरी ममता की छाँहों में
आवागमन के साधन नही हैं
पर-दम है मेरे भावों में
बिना टिकट के बिना पते के
ये पहूँच जायेंगे
तेरे गाँवों में।

49 comments:

  1. हृदय के भावों को दर्शाती एक सुंदर रचना !

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  2. बहुत सुन्दर ||
    बहुत सार्थक पोस्ट ||
    प्रस्तुति पर बधाई ||

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  3. अर्पण और तर्पण ..श्रद्धा से किया हुआ ..सुन्दर अभिव्यक्ति

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  4. आपको सपरिवार
    नवरात्रि पर्व की बधाई और शुभकामनाएं-मंगलकामनाएं !

    -राजेन्द्र स्वर्णकार

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  5. ... नवरात्री की हार्दिक शुभकामनाएं....
    आपका जीवन मंगलमयी रहे ..यही माता से प्रार्थना हैं ..
    जय माता दी !!!!!!

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  6. सुँदर भाव -अभिव्यक्ति . आभार .

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  7. बडे ही सुखमय दिन थै वो
    स्वर्ग था तेरी बाँहों में
    दिल सुकून से भरा रहता था
    तेरी ममता की छाँहों में
    आवागमन के साधन नही हैं
    पर-दम है मेरे भावों में
    बिना टिकट के बिना पते के
    ये पहूँच जायेंगे
    तेरे गाँवों में..
    ...bahut hi sundar komal bhavon se piroyee rachna..
    Navratri kee haardik shubhkamnayen!

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  8. पितरों को किया गया अर्पण उनसे प्रेम की भाव को प्रगट करता है ... सुहानी सी रचना से उनक्प याद किया है आपने ... लाजवाब ... नव रात्री की मंगल कामनाएं ..

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  9. आप सभी को बहुत- बहुत धन्यवाद।

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  10. बहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति.

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  11. ओह! सुन्दर भावपूर्ण तर्पण.
    आपकी सुन्दर भावनाओं को सादर नमन.

    मेरे ब्लॉग पर आप आयीं,इसके लिए
    बहुत बहुत आभार आपका.

    आपके ब्लॉग पर देरी से आने के लिए
    क्षमा चाहता हूँ.

    'कन्दर्प' का अर्थ 'कमल' भी किया जाता है.

    नवरात्रि की आपको हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  12. निशा जी नमस्कार ।मेरे ब्लाग पर आयी और समर्थ्क बनी बहुत -बहुत धन्यवाद मै देर से यह रचना देख पायी लेकिन मेरे अपने भावो की पीडा भी आपके इस तर्पण मे शामिल है क्यो कि मै भी अपने पिता को भावो का ही तर्पन कर पाती हू ।

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  13. hm sbhi betiyon ki pida sman hi hoti hain.thnks
    suman ji.

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  14. आदरणीया निशा जी बहुत ही सुन्दर कविता बधाई |आपका ब्लॉग लिंक कर रहे हैं |ताकि जब अप कुछ लिखें तो पता चल जाये |आभार

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  15. बहुत सुन्दर भावपूर्ण और मर्मस्पर्शी अभिव्यक्ति...नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं !

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  16. बहुत सुंदर कविता

    क्या कहने

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  17. श्राद्ध में श्रद्धा भाव से लिखी गई भावनात्मक रचना ।

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  18. आवागमन के साधन नही हैं
    पर-दम है मेरे भावों में
    बिना टिकट के बिना पते के
    ये पहूँच जायेंगे
    तेरे गाँवों में।


    संकल्पित अहसासों भरी सुन्दर रचना....

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  19. आवागमन के साधन नही हैं
    पर-दम है मेरे भावों में
    बिना टिकट के बिना पते के
    ये पहूँच जायेंगे
    तेरे गाँवों में।


    संकल्पित अहसासों भरी सुन्दर रचना....

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  20. बढ़िया प्रस्तुति ||

    बहुत-बहुत बधाई ||

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  21. बहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति| नवरात्रि की आपको हार्दिक शुभकामनाएँ|

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  22. बहुत सुन्दर लगा ! ख़ूबसूरत एवं भावपूर्ण रचना ! शानदार प्रस्तुती!
    दुर्गा पूजा पर आपको ढेर सारी बधाइयाँ और शुभकामनायें !
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  23. बहुत सुन्दर ||

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  24. बडे ही सुखमय दिन थै वो
    स्वर्ग था तेरी बाँहों में
    दिल सुकून से भरा रहता था
    तेरी ममता की छाँहों में
    आवागमन के साधन नही हैं
    पर-दम है मेरे भावों में
    बिना टिकट के बिना पते के
    ये पहूँच जायेंगे
    तेरे गाँवों में.....
    बहुत सुन्दर श्रद्धा सुमन

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  25. I know i am so late to read this post. but thank you for this excellent information. I hope to get a lot of good information like this here.

    India is a land of many festivals, known global for its traditions, rituals, fairs and festivals. A few snaps dont belong to India, there's much more to India than this...!!!.
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  26. दिल में चिर जुदाई की पीडा
    दिमाग में यादों की बदली छाई है
    आज सभी घनीभूत होकर
    फिर से बरसने आई है।

    बहुत सुंदर । मेरे पोस्ट पर आपका स्वागत है ।
    धन्यवाद ।

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  27. बडे ही सुखमय दिन थै वो
    स्वर्ग था तेरी बाँहों में
    दिल सुकून से भरा रहता था
    तेरी ममता की छाँहों में
    बहुत ही सुंदर भावाभिव्यक्ति।

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