Saturday, 10 September 2011

कीमत


जो होता है
अच्छा होता है
जो खोता है
वही रोता है
जो खोयेगा ही नही तो ?
रोने की कीमत समझेगा कैसे ?
जो टूटेगा ही नही तो ?
जुडने की कीमत समझेगा कैसे
उदासी की जब नही पडी तो ?
मुस्कान की कीमत क्या वो समझे ?
दिल से नही जुडा है जो
अपनेपन की कीमत क्या वो समझे ?
मान नही मिला हो जिसको
अपमान की कीमत क्या वो समझे ?

20 comments:

  1. सही कहा आपने कीमत तभी कीमत समझ में आती है |( कृपया अपने ब्लॉग को किसी भी या हमारी वाणी से जोड़ें ) कारण पढ़ने में आसानी होगी

    ReplyDelete
  2. भावपूर्ण रचना....
    स्वागत है.

    ReplyDelete
  3. बहुत खूब लिखा है आपने.
    आपकी कलम को सलाम.

    ReplyDelete
  4. इस रचना में निहित भाव पसंद आए।

    ReplyDelete
  5. सही बात है ..जब तक अँधेरा नहीं तो उजाले की क्या कीमत ... अच्छी प्रस्तुति

    ReplyDelete
  6. BAHUT HI ACCHI POST
    SAMRAT BUNDELKHAND BLOG

    ReplyDelete
  7. ...... प्रशंसनीय रचना - बधाई
    धन्यवाद, मेरे ब्लॉग से जुड़ने के लिए और बहुमूल्य टिपण्णी देने के लिए

    ReplyDelete
  8. उदासी की जब नही पडी तो ?
    मुस्कान की कीमत क्या वो समझे ?
    दिल से नही जुडा है जो
    अपनेपन की कीमत क्या वो समझे ?
    मान नही मिला हो जिसको
    अपमान की कीमत क्या वो समझे ?

    सटीक बात...

    ReplyDelete
  9. कष्ट की अनुभूति समझ पाना हर एक के बस का नहीं .....
    शुभकामनायें आपको !

    ReplyDelete
  10. जो खोयेगा ही नही तो ?
    रोने की कीमत समझेगा कैसे ?
    जो टूटेगा ही नही तो ?
    जुडने की कीमत समझेगा कैसे

    सच कहा आपने

    ReplyDelete
  11. बहुत खूब लिखा है आपने.
    भावपूर्ण रचना....

    ReplyDelete
  12. bahut hi acha likha ha, ham kuch khoye bina uski kimat jaan hi nahi sakte

    ReplyDelete