Tuesday, 6 November 2012

कहाँ छिपे ?

वही समय है
वही मौसम है
वही है तन्हाई
छोड़ के मुझको
यमुना के तीरे ........
कहाँ छिपे कन्हाई ?
विरहाग्नि से दग्ध ....
ह्रदय करे चित्कार
यमुना तट पर .....
गूंज रही राधा की पुकार ......

39 comments:

  1. राधा की पुकार भाव विह्वल करती हुयी

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  2. इस पुकार के आद परिवर्तन होना चाहिए।

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    1. manoj aapki bat samajh men nahi aai ......kya kahna chahte hain aap?

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  3. सुन्दर प्रस्तुति |
    आभार ||

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  4. प्रेम की व्याकुलता ... गहरी है

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    1. iseeliye to radha kanhaa men akakar ho gaien thi...radha ke bina krishn ko koi yaad nahi karta ...ye radha ke prem ki prakashtha hi to hai ....shadishuda hote hue bhi radha ka prem badnaam nahi hua .....bhagwaan ki leela badi nirali hai rashmi jee ...inse hamen pal-pal maryadit jivn jeene ka sadesh milta hai...

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  5. बहुत गजब की प्रस्तुती

    बधाई स्वीकारें !!

    मेरी नई पोस्ट पर आपका स्वागत हैं ...
    http://rohitasghorela.blogspot.in/2012/11/blog-post_6.html

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  6. यमुना तट पर .....
    गूंज रही राधा की पुकार ......
    वाह ... बहुत खूब।

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  7. कान्हा आते ही होंगे अब तो....

    अनु

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  8. हमें तो कन्हैया की बगल मे ही राधा दिखाई दे रही है मैडम...!

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    1. bilkul sahi dekh rahe hain sir jahan-jahan radha wahin-wahin krishn .....ye radha ke prem ki prakashtha hai ....jiski shakti ne use hmesha krishn ke sath rakkha par vastvikta to yahi hai ki radha hmesha krishn se door hi rahi maine usi radha ke dil ke dard ko btaane ki koshish ki hsi ...aaj radhajanmashtmi hai...bahut bahut dhanyvad nd aabhar...

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  9. विरहाग्नि से दग्ध ....
    ह्रदय करे चित्कार
    यमुना तट पर .....
    गूंज रही राधा की पुकार ......

    सुन्दर रचना

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  10. कहाँ हो कान्हा तुम्हे आना ही होगा... बहुत सुन्दर

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    1. aana to hoga hi pyaar men badi shakti hoti hai sadhya jee....kahte hain krishn ki solah hzaar raniyaan thin...par phir bhi ve radha ke bina adhure the......

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  11. बहुत सुन्दर भक्तिमय प्रस्तुति दिवाली की अग्रिम शुभ कामनाएं

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  12. ्छुपा कहाँ आ जा छलिया
    मुरली वाले आजा तेरी याद सताये
    मेरा ये भरोसा कहीं टूट ना जाये

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    1. radha pawitra piyar ki pratik hai vandna jee aur pawitra piyaar ki shakti ke aage bhagwaan hmesha hi natmastak hue hain ..isliye bharosa nahi tutega ...

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  13. भावपूर्ण रचना... मेरे ब्लौग पर आना...http://www.kuldeepkikavita.blogspot.com प्रतीक्षा करूंगा

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  14. gahan bhavanao se santritp prastuti

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  15. सुन्दर अभिव्यक्ति!
    मनमोहन के देश में, ले लो फिर अवतार।
    आरत भार का करों, कान्हा जी उद्धार।।

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  16. अद्भुत ...भावमयी, कम शब्दों में सुंदर अभिव्यक्ति

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  17. वही समय है
    वही मौसम है
    वही है तन्हाई
    छोड़ के मुझको
    यमुना के तीरे ........
    कहाँ छिपे कन्हाई ?
    विरहाग्नि से दग्ध ....
    ह्रदय करे चित्कार
    यमुना तट पर .....
    गूंज रही राधा की पुकार ......

    भाव सौन्दर्य अर्थ छटा दोनों लिए है रचना ...हृदय करे चीत्कार ...

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  18. बेहतरीन कविता |दीपावली की शुभकामनायें |

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  19. राधा की पुकार सुन कर कान्हा कहां रुक पायेंगे ।
    शुब दीपावली ।

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  20. सच्चे मन की पुकार कान्हा जरूर सुनता है ...

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  21. सुंदर प्रस्तुति।
    मेरे ब्लॉग पर स्वागत है।.

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  22. ♥(¯`'•.¸(¯`•*♥♥*•¯)¸.•'´¯)♥
    ♥नव वर्ष मंगबलमय हो !♥
    ♥(_¸.•'´(_•*♥♥*•_)`'• .¸_)♥




    सुंदर भावपूर्ण रचना ...
    नई रचना की प्रतीक्षा है !
    आदरणीया डॉ. निशा महाराणा जी



    आपकी लेखनी से सदैव सुंदर , सार्थक , श्रेष्ठ सृजन हो …
    नव वर्ष की शुभकामनाओं सहित…
    राजेन्द्र स्वर्णकार
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  24. wishing you a very happy new year.


    http://udaari.blogspot.in

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  25. bhakimay prastuti. bahut sunder.

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  26. प्रेम में लीन, इंतजार अंतहीन -बहुत सुन्दर
    latest post मोहन कुछ तो बोलो!
    latest postक्षणिकाएँ

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  27. बहुत ही सुन्दर ...

    आप भी पधारें
    ये रिश्ते ...

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  28. आप की ये रचना आज यानी 01-03-2013 को http://www.nayi-purani-halchal.blogspot.com पर लिंक की गयी है। आप भी इस हलचल में पधारें।

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