Thursday, 1 November 2012

महका मधुबन

महका मधुबन
उड़ने लगा मन
सामने जो देखा
उसने सनम ......

18 comments:

  1. बेह्तरीन अभिव्यक्ति

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  2. महका मधुवन मनकरा, मिलता मग मनमीत ।

    मन मचले मचरंग मनु, परख प्रियतमा प्रीत ।

    परख प्रियतमा प्रीत, पाण्य यह पाणिकरण है ।

    नैनों में है स्नेह, अनोखा लगे वरण है ।

    दस दीपों से शब्द, निशा देती तू चहका ।

    बहना को आशीष, रहे घर महका महका ।।

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    1. bahut-bahut dhanyavad....itne acche aashish ke liye .....

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  3. उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

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  4. करवाचौथ की हार्दिक मंगलकामनाओं के साथ आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (03-11-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!

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  5. वाह! अति सुन्दर प्रेरक प्रस्तुति है आपकी

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  6. बेहद मनभावन भाव,,,,
    सभी ब्लॉगर परिवार को करवाचौथ की बहुत बहुत शुभकामनाएं,,,,,

    RECENT POST : समय की पुकार है,

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  7. aap sabhi ko dhanyavad nd aabhar.....

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  8. प्रकृति संग बंधे भावों की सुन्दर सम्प्रेशनियता

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  9. :-) क्या कहने...

    अनु

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